Bihar: तो लालू यादव के सामने पूर्णिया सीट सरेंडर कर देंगे पप्पू यादव, महागठबंधन के अंदरखाने का हाल

Bihar: तो लालू यादव के सामने पूर्णिया सीट सरेंडर कर देंगे पप्पू यादव, महागठबंधन के अंदरखाने का हाल

महागठबंधन के प्रत्याशी के रूप में पूर्णिया में बीमा भारती ने राजद उम्मीदवार के तौर पर 3 अप्रैल को नामांकन करने की घोषणा कर दी. इसके बाद कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता निर्णय करेंगे कि क्या करना है. पप्पू यादव ने कहा कि बीमा भारती मेरी बेटी जैसी है, लेकिन जहां तक चुनाव का सवाल है तो वह दिल्ली में तय होगा कि क्या करना है. उन्होंने कहा कि पिछले 6 माह में पूर्णिया में घर-घर घूम रहे हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सबसे उनका अपनापन का नाता है. उन्होंने एक बार फिर कहा कि पूर्णिया मेरी मां है और मां को छोड़कर वह कहीं नहीं जाएंगे. जाहिर तौर पर पप्पू यादव के तेवर तल्ख तो हैं, लेकिन आलाकमान का नाम लेकर उन्होंने एक स्पेस भी छोड़ दिया है.

हालांकि, पप्पू यादव के करीबियों की मानें तो पप्पू लगातार लोगों से मिल रहे हैं और पूर्णिया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है. पप्पू यादव को आज भी उम्मीद है कि राजद और कांग्रेस में समझौता हो जाएगा. अगर ऐसा नहीं होता है तो भी पप्पू यादव हर हाल में पूर्णिया से ही संसदीय चुनाव लड़ेंगे. अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव 2 अप्रैल को नामांकन कर सकते हैं. हालांकि, अभी वे वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं. लेकिन, किस पार्टी से लड़ेंगे यह अभी तय नहीं है.

पूर्णिया सीट पर फंसा है पेंच

साफ है कि महागठबंधन के अंदरखाने पूर्णिया सीट पर पेंच तो फंसा हुआ है, लेकिन दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि बिहार में कांग्रेस-राजद के सीट शेयरिंग लगभग फाइनल है. बताया जा रहा है कि इस नये फॉर्मूले के तहत कांग्रेस को पूर्णिया सीट छोड़नी पड़ सकती है. दरअसल जो फॉर्मूला गैर आधिकारिक रूप से सामने आया हे इसके अनुसार, कांग्रेस को 8 सीट देने पर सहमति बनी है. वहीं एक एक और सीट पर चर्चा जारी है. यानी कांग्रेस कुल 9 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.

सीट शेयरिंग पर बनी बात!

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, जिन सीटों पर सहमति बनती दिख रही है वे -कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, बेतिया, पटना साहिब, सासाराम सीटें हैं. वहीं इसके अलावा कांग्रेस को एक सीट शिवहर या महराजगंज में से मिल सकती है. जाहिर तौर पर अगर ऐसा हुआ तो पप्पू यादव को पूर्णिया छोड़नी पड़ सकती है. दरअसल, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव उन्हें मधेपुरा सीट से लड़वाना चाहते हैं, लेकिन पप्पू यादव ने इसे सिरे से नकार दिया है.

पप्पू के साथ हो गया ‘धोखा’

दूसरा विकल्प पप्पू यादव के लिए सुपौल लोकसभा सीट का सुझाया गया है. ऐसा इसलिए कि उनकी पत्नी और वर्तमान में राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन सुपौल लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं. ऐसे में पप्पू यादव के लिए यह ऑप्शन हो सकता है. लेकिन, यहां यह भी बता दें कि पप्पू यादव पूर्णिया सीट को लेकर अड़े हुए हैं और इसे कभी नहीं छोड़ने की बात दोहरा रहे हैं. वहीं, इंडी गठबंधन से टिकट नहीं मिलने पर पप्पू यादव तो नाराज हैं ही साथ ही पूर्णियां के स्थानीय लोगों में भी इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है. पप्पू यादव के समर्थक इससे बड़ा धोखा मान रहे हैं.

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